पटना से बड़ी खबर
बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि अनुपलब्ध भू-राजस्व अभिलेख उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों को सरकार ‘भू योद्धा’ सम्मान से सम्मानित करेगी। यह घोषणा गैर सरकारी संकल्प पर चर्चा के दौरान की गई।
सरकार के इस फैसले को पारदर्शिता और भूमि प्रशासन सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
क्या है भू योद्धा सम्मान?
सरकार का उद्देश्य ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करना है जो पुराने या अनुपलब्ध भू-अभिलेखों को उपलब्ध कराकर भूमि विवाद सुलझाने में मदद करेंगे।
इस पहल से:
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भूमि विवाद कम होंगे
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फर्जी दस्तावेज पर रोक लगेगी
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सरकारी रिकॉर्ड मजबूत होगा
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राजस्व प्रणाली पारदर्शी बनेगी
इससे पहले राजद विधायक गौतम कृष्ण ने भू-अभिलेखों से जुड़ा मामला उठाया था। वहीं जदयू के गोपाल अग्रवाल के गैर सरकारी संकल्प पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि किशनगंज जिले में बाहरी लोगों द्वारा जमीन पर कब्जा करने और संदिग्ध तरीके से दस्तावेज तैयार कराने के आरोपों की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। इसके लिए एक समिति गठित की जाएगी, जो पूरे मामले की पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट देगी।





