बिहार के इंजीनियर के यहां EOU की बड़ी रेड, करोड़ों की संपत्ति और निवेश के दस्तावेज मिले

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News9Global Desk  भागलपुर/पटना: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बुधवार को भवन निर्माण विभाग में तैनात अधीक्षण अभियंता पवन कुमार के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में आय से अधिक लगभग 3.89 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा होने के बाद यह कार्रवाई चर्चा का विषय बन गई है।
छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
ईओयू की टीम ने बुधवार सुबह भागलपुर, पटना समेत देश के छह अलग-अलग स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की। भागलपुर के तिलकामांझी थाना क्षेत्र स्थित आनंदगढ़ कॉलोनी में पवन कुमार के आवास पर सुबह करीब 7 बजे टीम पहुंची और कई घंटों तक तलाशी अभियान चलाया।
सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं, जिनमें बेशकीमती जमीन, फ्लैट, शेयर, बॉन्ड, बैंक खातों और बीमा निवेश से जुड़े कागजात शामिल हैं। इसके अलावा नकदी और जेवरात मिलने की भी चर्चा है, हालांकि अधिकारियों ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
आय से अधिक संपत्ति का मामला
ईओयू की प्रारंभिक जांच में पवन कुमार के पास उनकी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति होने के संकेत मिले हैं। अधिकारियों का मानना है कि छापेमारी में मिले दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।
जांच एजेंसियों के अनुसार कई संपत्तियों में निवेश कथित तौर पर ठेकेदारों और उनके सहयोगियों के माध्यम से किया गया। विभागीय कार्यों में लाभ पहुंचाने के बदले कमीशन के रूप में नकदी के बजाय जमीन और फ्लैट लेने के आरोप भी सामने आए हैं।
भागलपुर और सैदपुर स्थित पैतृक घर की भी जांच
ईओयू की एक टीम ने भागलपुर जिले के गोपालपुर प्रखंड स्थित सैदपुर गांव में पवन कुमार के पैतृक आवास की भी तलाशी ली। अधिकारियों ने घर के सभी कमरों की जांच की और परिजनों से पूछताछ की। हालांकि वहां से कोई आपत्तिजनक दस्तावेज या सामग्री बरामद होने की जानकारी नहीं मिली।
छापेमारी की खबर फैलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की भीड़ जुट गई और पूरे दिन मामले की चर्चा होती रही।
ठेकेदारों से संबंधों की भी जांच
जांच एजेंसियों को आशंका है कि कुछ बड़े ठेकेदारों के जरिए संपत्तियों में निवेश कराया गया। सूत्रों का दावा है कि बिहार के अलावा दिल्ली और नोएडा में भी फ्लैट और अन्य संपत्तियों में निवेश के संकेत मिले हैं। अब ईओयू इन सभी वित्तीय लेन-देन और संपत्ति रिकॉर्ड की गहन जांच करेगी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ तेज हुआ अभियान
बिहार में हाल के महीनों में आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई तेज हुई है। ईओयू लगातार विभिन्न विभागों के अधिकारियों की संपत्तियों की जांच कर रही है। पवन कुमार के मामले को भी इसी अभियान की एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
आगे क्या?
ईओयू द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच के बाद संपत्तियों का वास्तविक मूल्य सामने आ सकता है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
News 9 Global
Author: News 9 Global

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